अमन कुमार त्यागी के 100 फायकू

 


अमन कुमार त्यागी


1.

गुनाहों की हर तरकीब

मुझे आजमाने दो

तुम्हारे लिये।

2.

जमाने भर की दुआ

तुम्हें देता हूँ

तुम्हारे लिये।

3.

सच सबके सामने बोला

और पिट गया

तुम्हारे लिये।

4.

रात दिन, दिन रात

करता रहा काम

तुम्हारे लिये।

5.

यहाँ, वहाँ, जहाँ, तहाँ

ख़ुद को ढूँढा

तुम्हारे लिये।

6.

तुम आओ ना आओ

हम तो आयेंगे

तुम्हारे लिये।

7.

मैंने कहा है फायकू

क्यों कहें हाईकू

तुम्हारे लिये।

8.

आज का दिन हुआ

तुम्हारे ही नाम

तुम्हारे लिये।

9.

जेब में नहीं कुछ

दिल राजा है

तुम्हारे लिये।

10.

राजनीति हो गयी छलिया

नेता सब बेमाने

तुम्हारे लिये।

11.

रात हो गयी अँधियारी

जैसे भारतीय राजनीति

तुम्हारे लिये।

12.

आसमान में कड़कती बिजली

बेतरतीब धड़कता दिल

तुम्हारे लिये।

13.

मतदाताओं पीनी है चाय

संसद में जाकर

तुम्हारे लिये।

14.

मैं करता हूँ प्यार

बार बार यार

तुम्हारे लिये।

15.

जवाँ दिलों की धड़कन

बेमतलब तो नहीं

तुम्हारे लिये।

16.

दिल विल प्यार व्यार

सब हैं बेकरार

तुम्हारे लिये।

17.

मुझे जल्दी करने दो

धैर्य छोड़ दिया

तुम्हारे लिये।

18.

दारू दारू करता है

दीवाना जमकर पीता

तुम्हारे लिये।

19.

दोहा चैपाई गीत ग़ज़ल

कुछ भी लिखूँ

तुम्हारे लिये।

20.

नव प्रभात नव बेला

शुभ शुभ हो

तुम्हारे लिये।

21.

कमाल हो गया अब

मिला साथ तुम्हारा

तुम्हारे लिये।

22.

सच कहूँ रात सोया

नहीं जागता रहा

तुम्हारे लिये।

23.

सपने में भी आते 

फायकू निराले निराले

तुम्हारे लिये।

24.

जीतकर हार जाता हूँ

हारकर जीतता हूँ

तुम्हारे लिये।

25.

हो गयी है पीर

पर्वत सी विशाल

तुम्हारे लिये।

26.

ज़िन्दगी बहुत है मगर

खुशियाँ दो चार

तुम्हारे लिये।

27.

कविता रसीली है मगर

फायकू सी कहाँ

तुम्हारे लिये।

28.

कवियों फायकू कहो यह

मजे से भरपूर

तुम्हारे लिये।

29.

नैट वैट गैट जैट

सब के सब

तुम्हारे लिये।

30.

आज फिर कहना है

फायकू दो चार

तुम्हारे लिये।

31.

रोके से रुके नहीं

फायकू आते जायें 

तुम्हारे लिये।

32.

दर दर भटकता रहा

जीवन आस में

तुम्हारे लिये।

33.

तुम्हारी चाहत कमाल है

मयखाने भी गया

तुम्हारे लिये।

34.

क्यों घबराते रात से

होगी सुबह भी

तुम्हारे लिये।

35.

दो वक्त की रोटी

जुगाड़ करके लाया

तुम्हारे लिये।

36.

साम दाम दण्ड भेद

क्या अपनाऊँ मैं

तुम्हारे लिये।

37.

दरो दीवार बोलते हैं

इतिहास बनता है

तुम्हारे लिये।

38.

लिखता और पढ़ता हूँ

ख़त बार बार

तुम्हारे लिये।

39.

आ बैठ मेरे पास

तुझे देखता रहूँ

तुम्हारे लिये।

40.

चिढ़ने वाले चिढ़ा करें

हम फायकू लिखेंगे

तुम्हारे लिये।

41.

मुस्कुराता हूँ हर दम

गीत गाता हूँ 

तुम्हारे लिये।

42.

तुम मेरी ताकत हो

परन्तु मैं जिया

तुम्हारे लिये।

43.

फायकू लाया हूँ मैं

सस्ते और महंगे 

तुम्हारे लिये।

44.

जो कहना हो कहो

मजाक मजाक नहीं

तुम्हारे लिये।

45.

लड़ो लड़ाई मगर इतनी

विचार विचार रहें

तुम्हारे लिये।

46.

लिखूँगा फायकू रात को

मैं चला घर

तुम्हारे लिये।

47.

आज हुआ गंगा स्नान

स्वच्छता का अभियान

तुम्हारे लिये।

48.

जलने की बात नहीं

मैं दुनिया जलाऊँ

तुम्हारे लिये।

49.

नहीं करेंगे कोई शिकायत

हम जी लेंगे

तुम्हारे लिये।

50.

मुझे फैन बना लो

दूंगा ठण्डी हवा

तुम्हारे लिये।

51.

जेबकतरों हो जाओ निडर

आ गई पुलिस

तुम्हारे लिये।

52.

मिट्टी के खिलौने हैं

मिट्टी में मिलेंगे

तुम्हारे लिये।

53.

जिस्म कहीं रुह कहीं

बिखरा हूँ कितना

तुम्हारे लिये।

54.

ग़म के आँसू सवादिष्ट

बना लिये मैंने

तुम्हारे लिये।

55.

रास्ते का हर पत्थर

अहिल्या नहीं होता

तुम्हारे लिये।

56.

धर्म कर्म शर्म सब

छोड़ दी हैं

तुम्हारे लिये।

57.

दिल जिगर नजर सब

बेक़रार हैं अब 

तुम्हारे लिये।

58.

इधर की उधर करूँ

कहो क्या करूँ

तुम्हारे लिये।

59.

खर है या खरदूषण

जान देता है

तुम्हारे लिये।

60.

देख के मुस्करा दिये

समझे फिदा हैं

तुम्हारे लिये।

61.

अंधेर नगरी चैपट राजा

कैसे जान बचाऊँ

तुम्हारे लिये।

62.

सर पे रखा कफन

अब मरने दो

तुम्हारे लिये।

63.

कोई तो विचार दो

तुम्हारा बन सकूँ

तुम्हारे लिये।

64.

रहगुज़र अब होगी कैसे

रहजन खड़े हैं

तुम्हारे लिये।

65.

वो पत्रकार बड़ा है

लिखता है ख़बर

तुम्हारे लिये।

66.

कलमकार के दुश्मन भी

सहारा कलम का

तुम्हारे लिये।

67.

रंगों का बहारों का

हर इक मौसम

तुम्हारे लिये।

68.

लालची पास ना बैठाओ

ख़तरा बन जाये

तुम्हारे लिये।

69.

चोर ज़ार और ठग

लगा रहे घात

तुम्हारे लिये।

70.

ज़िंदगी न हो मोहताज़

ख़याल जरूरी है

तुम्हारे लिये।

71.

सुबह सुबह आया हूँ

फायकू लाया हूँ

तुम्हारे लिये।

72.

जुगनू हूँ टिमटिमाता रहूँगा

रौशनी देता रहूँगा

तुम्हारे लिये।

73.

ज़िन्दगी नाम चलने का

मैं तो रुका

तुम्हारे लिये।

74.

नदी समंदर तक जायेगी

डूबा नदी में

तुम्हारे लिये।

75.

आजमा कर देख लो

बिखर गया हूँ

तुम्हारे लिये।

76.

उन्हें आजमाना नहीं कभी

निभाने जो रिश्ते

तुम्हारे लिये।

77.

हसरत थी कुछ करूँ

फुर्सत नहीं अब

तुम्हारे लिये।

78.

मौत को दगा दी

साथ निभाना है

तुम्हारे लिये।

79.

हो जाये इन्टरनेट ख़राब

हो जाऊँ परेशान

तुम्हारे लिये।

80.

कल कल करती नदी

ऊँचे ऊँचे पहाड़

तुम्हारे लिये।

81.

दुनिया एक दिन समझेगी

मेरी भाषा हिन्दी

तुम्हारे लिये।

82.

पहाड़ों से टकरा गया

समन्दर में बहा

तुम्हारे लिये।

83.

खेले हम आंख मिचैली

भर भर कोली

तुम्हारे लिये।

84.

उसे गुमान बहुत है

डरता नहीं कभी

तुम्हारे लिये।

85.

लगातार जार जार हुआ

मगर टूटा नहीं

तुम्हारे लिये।

86.

उसे माफ कर दो

जिसने मांगी माफी

तुम्हारे लिये।

87.

दिलकश अन्दाज़ है जिसका

उसका मैं आशिक

तुम्हारे लिये।

88.

वो मेरा हितैषी नहीं

जो मुसीबत बने

तुम्हारे लिये।

89.

नफ़रत करूँ मैं कैसे 

एक जी है

तुम्हारे लिये।

90.

उसकी मजबूरी रही होगी 

जो डूबा है

तुम्हारे लिये।

91.

अल्लाह सलामत उसे रखना

जो चलता रहा

तुम्हारे लिये।

92.

नींद कब की बिखरी

आँखों में ही

तुम्हारे लिये।

93.

सदा देते रहे सदा 

अब जाऊँ कहाँ

तुम्हारे लिये।

94.

जो खुलकर हँसा नहीं

नफ़रत दिल में

तुम्हारे लिये।

95.

तुम्हारे आने की ख़बर

और घर खाली

तुम्हारे लिये।

96.

सरदार है या असरदार

मगर है वो

तुम्हारे लिये।

97.

दिलकश है मगर मग़रूर

हर अदा मंजूर

तुम्हारे लिये।

98.

वो आयेगा एक दिन

मुझे है भरोसा

तुम्हारे लिये।

99.

मेरा सबकुछ हो जाये

जो तू चाहे

तुम्हारे लिये।

100.

सौ सुनाऊँ उसे जो

तुझे एक कहे

तुम्हारे लिये।


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